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राहें नयी दिखा जाता जो
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Author:
Ku. Vinapani
Code:
HINR1670_34
Source:
युग गायन गरिमा गान भाग ३ (Book)
#राहें
#नयी
#दिखा
#जाता
राहें नयी दिखा जाता जो Document
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Topic Of Source Title
संस्कूति रही कराह (गीत)
बदला जाये दृष्टिकोण यदि (गीत)
प्राण तक दिये हैं (गीत)
सपूतों की कहानी है (गीत)
पुरुषार्थ की कहानी (गीत)
मानव जीवन (गीत)
विश्व उद्यान भारत (गीत)
जरूरी है अपना निर्माण (गीत)
यह जीवन ऐसा बन जाये (गीत)
श्रीराम भक्त्ति श्रद्धा उभारती है (गीत)
खोजते जिसे स्वयं भगवान् (गीत)
युग-युग से हम खोज रहे हैं (गीत)
आत्म-विश्वास जगाओ रे (गीत)
उसे इन्सान कहते हैं (गीत)
अपने मद में चूर (गीत)
दिये से दिये को जलाना पड़ेगा (गीत)
मनुज से प्यार कर लो (गीत)
बड़े भाग्य से मानव-तन मिला है (गीत)
ह्रदय अध्यात्म से भर लो (गीत)
इतना कर्ज लदा है मुझ पर (गीत)
स्वयं प्रभु आन बैठे (गीत)
जन-कल्याण किये जा (गीत)
क्यों मोह है उन्हीं से (गीत)
बालकों से भी हम नादान (गीत)
सौन्दर्य प्राण प्यारा (गीत)
जितना भी अपने पास है (गीत)
जीवन बड़ा महान् (गीत)
व्यक्तित्व गढ़ना हमें पड़ेगा (गीत)
अकेली किरण ही बहुत है (गीत)
वह जीवन बेकार (गीत)
उस जल की जलधार वृथा है (गीत)
क्यों और को पुकारें (गीत)
प्यार की सौगात (गीत)
राहें नयी दिखा जाता जो (गीत)
बुराई का कोई कदम मत उठाओ (गीत)
अध्यात्म का सन्देश (गीत)
युग वेदना का उपचार (गीत)
दिये से जलें (गीत)
जीवन ही पूजा बन जाये (गीत)
जीवन बन तू फूल समान (गीत)
चलो अकेले कदम बढ़ाते (गीत)
स्त्रोत करुणा का बहाओ (गीत)
जन्नत इसे बनायें (गीत)
खोलो मन के द्वार (गीत)
किधर जा रहे हो (गीत)
चलें राम के पद-चिन्हों पर (गीत)
भूली हुई कहानी (गीत)
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